खेल प्रतिभाओं को मिलेगा हरसंभव प्रोत्साहन, युवा ही देश का भविष्य: मास्टर जय भगवान यादव

जोन-13 खो-खो फाइनल में खिलाड़ियों का जोश बना आकर्षण

नई दिल्ली। बेगमपुर वार्ड-27 के राजीव नगर एक्सटेंशन स्थित एम.डी. इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल में आयोजित जोन-13 खो-खो टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला उत्साह और रोमांच के बीच संपन्न हुआ। दिल्ली नगर निगम के नेता सदन, स्थायी समिति सदस्य एवं बेगमपुर वार्ड-27 के निगम पार्षद मास्टर जय भगवान यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष की भावना विकसित करने का सबसे प्रभावी साधन हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने वाले युवाओं को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।

टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह, अनुशासन, फिटनेस और खेल भावना देखने लायक रही। मास्टर जय भगवान यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के युवा खिलाड़ी ही कल देश का गौरव बनेंगे। उन्होंने कहा कि जिस मैदान पर मेहनत का पसीना बहता है, वहीं सफलता का इतिहास लिखा जाता है।

उन्होंने कहा कि बेगमपुर क्षेत्र सहित दिल्ली के विभिन्न इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मार्गदर्शन, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने की है। निगम स्तर पर भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें और नशामुक्त, स्वस्थ एवं अनुशासित समाज का निर्माण हो।

इस अवसर पर एम.डी. इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल के चेयरमैन ईश्वर यादव, प्रिंसिपल दीपक यादव, राहुल पब्लिक स्कूल के राहुल सोलंकी, इंदरप्लस स्कूल के अशोक यादव सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, खेल प्रशिक्षक, आयोजन समिति के सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

समारोह के दौरान मास्टर जय भगवान यादव ने सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन और आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ और सशक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।