भाजपा सरकार की ईवी पॉलिसी को मुंह चिढ़ा रही 9 साल से एमसीडी की पार्किंग खड़ी 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां- अंकुश नारंग
चार इंजन की भाजपा सरकार बताए, इन गाड़ियों पर दिल्लीवालों की मेहनत का पैसा क्यों बर्बाद किया?- अंकुश नारंग
नई दिल्ली, 30 जून।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा की कथनी और करनी में ज़मीन-आसमान का फर्क होने पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की ईवी पॉलिसी को 9 साल से एमसीडी की पार्किंग खड़ी 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां मुंह चिढ़ा रही हैं। सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय की बी-2 और बी-3 पार्किंग में वर्षों से 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां धूल खा रही हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा की चार इंजन सरकार नई ईवी पॉलिसी का ढिंढोरा पीट रही है। 2017-18 में करोड़ों रुपए खर्च कर खरीदी या लीज़ पर ली गईं ये गाड़ियां आज तक इस्तेमाल नहीं हुईं। यह जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी है। हर बार जब भाजपा के महापौर से जवाब मांगा जाता है, तो सिर्फ़ जांच कराएंगे कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
अंकुश नारंग ने कहा कि अगर भाजपा की चार इंजन सरकार वास्तव में ईवी पॉलिसी को लेकर इतना गंभीर है, तो सबसे पहले एमसीडी में वर्षों से खड़ी इन 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का हिसाब दे। दिल्ली की जनता अपने मेहनत की कमाई के हर रुपये का जवाब मांग रही है। भाजपा सरकार और महापौर को अब जवाबदेही से भागना नहीं, जवाब देना होगा।
“आप” के वरिष्ठ नेता व एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि एक तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रदूषण कम करने के लिए ईवी पॉलिसी लाने की बात कह रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा शासित एमसीडी के सिविक सेंटर की माइनस टू पार्किंग में साल 2017-18 से 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां धूल फांक रही हैं। इन गाड़ियों का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है और भाजपा के एक के बाद एक कई महापौर आने के बावजूद हालात जस के तस हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी ने ये गाड़ियां अफसरों को देने और ईवी पॉलिसी को बढ़ावा देने के लिए किराए पर ली थीं। अब इनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म हो चुका है, लेकिन एमसीडी ने भारी-भरकम पेनल्टी और किराए के रूप में कंपनियों को इन गाड़ियों की असल कीमत से भी ज्यादा पैसा चुका दिया है।

भाजपा के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए अंकुश नारंग ने कहा कि एक तरफ नई ईवी पॉलिसी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है और दूसरी तरफ दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसे की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। जब इस बारे में वर्तमान महापौर से पूछा गया, तो उन्होंने भी सिर्फ जांच कराने की बात कही। इससे पहले पूर्व महापौर राजा इकबाल सिंह और उनसे पहले के महापौर भी केवल जांच का ही आश्वासन देते रहे। 2017 में भी एमसीडी में भाजपा की ही सत्ता थी और उन्हीं के समय की लाई गई ये गाड़ियां आज तक खड़ी बर्बाद हो रही हैं।
