पेपर लीक माफिया पर मोदी सरकार का सख्त प्रहार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी राहत: मनोज जैन
नई दिल्ली। मनोनीत पार्षद मनोज जैन ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
मनोज जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। अब पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति, गिरोह या संस्था को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के दोषियों को पाँच से दस वर्ष तक के कठोर कारावास, दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने, संगठित पेपर लीक गिरोहों और उनके सहयोगियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए त्वरित न्यायालयों की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
मनोज जैन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ईमानदारी से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान करना है। यह निर्णय प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता को और मजबूत करेगा तथा युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की प्रतिभा सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए उनकी मेहनत पर डाका डालने वालों के खिलाफ अब कानून का कठोर प्रहार तय है। मोदी सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
