स्थायी समिति में गरजे, अब माफी मांगी: सतपाल सिंह के यू-टर्न पर सफाई कर्मचारियों के सवाल
कच्चे सफाई कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेता ने वीडियो जारी कर कहा—“मैंने जो कहा, उसके लिए मुझे खेद है, भविष्य में ऐसा नहीं करूंगा”
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में कच्चे सफाई कर्मचारियों के कथित शोषण के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले भाजपा नेता सतपाल सिंह ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा, “मैंने जो कहा, उसके लिए मुझे खेद है। मैं भविष्य में ऐसा नहीं करूंगा।” सतपाल सिंह के इस अचानक बदले रुख ने निगम के सफाई कर्मचारियों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थायी समिति की बैठक में सतपाल सिंह ने कच्चे सफाई कर्मचारियों के साथ कथित शोषण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। उन्होंने पक्के कर्मचारियों पर ड्यूटी नहीं करने के आरोप भी लगाए थे। बैठक में उनके बयान को लेकर कच्चे सफाई कर्मचारियों के बीच चर्चा हुई और कई कर्मचारियों ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की सराहना भी की थी।
लेकिन बैठक के बाद जारी उनके माफी वाले वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब कर्मचारी यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बैठक में मजबूती से अपनी बात रखने वाले सतपाल सिंह को अपने ही बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी?
बयान बदला तो सवाल भी खड़े हुए
सफाई कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सतपाल सिंह ने किसी दबाव में अपना रुख बदला या फिर मामला राजनीतिक स्तर पर बदल गया? कर्मचारियों का कहना है कि यदि स्थायी समिति की बैठक में उनके सामने वास्तविक समस्याएं थीं और उन्होंने उन्हें सदन के सामने रखा था, तो बाद में माफी मांगने की जरूरत क्यों पड़ी? दूसरी ओर, पक्के कर्मचारियों पर ड्यूटी नहीं करने के आरोपों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि निगम में सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर बहस जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि किस आधार पर कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए और बाद में उसी बयान से पीछे हटने की जरूरत क्यों पड़ी।
कच्चे कर्मचारियों ने सराहा था, अब पूछ रहे कारण
स्थायी समिति में कच्चे सफाई कर्मचारियों के पक्ष में आवाज उठाए जाने के बाद जिन कर्मचारियों ने सतपाल सिंह के रुख की सराहना की थी, वही अब उनके माफी वाले वीडियो को लेकर असमंजस में हैं। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि यदि उनकी समस्याओं को लेकर आवाज उठाना सही था, तो फिर उस आवाज को वापस लेने की वजह क्या रही?
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर राजनीति गरमाने के आसार
दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पहले से ही संवेदनशील रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों का पारिश्रमिक, सेवा शर्तें, काम का दबाव और पक्के कर्मचारियों की ड्यूटी जैसे मुद्दों पर निगम की बैठकों में लगातार बहस होती रही है। ऐसे में सतपाल सिंह का पहले आक्रामक रुख और फिर माफी मांगना राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन सकता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि सतपाल सिंह अपने माफी वाले वीडियो के पीछे की पूरी वजह कब और कैसे स्पष्ट करते हैं। फिलहाल उनके बयान से ज्यादा चर्चा उनके बयान बदलने की वजह की हो रही है।बड़ा सवाल यही है—स्थायी समिति में जो बात मजबूती से कही गई थी, वह वीडियो जारी कर माफी मांगने तक कैसे पहुंच गई?
