कलम की चेतना से डिजिटल युग तक हिन्दी पत्रकारिता की गौरव गाथा
नीरज अवस्थी....की कलम से...“खींचो न कमानों को, न तलवार निकालो,जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो।”अकबर इलाहाबादी की यह प्रसिद्ध पंक्ति केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं,बल्कि भारतीय पत्रकारिता की आत्मा है।हिन्दी पत्रकारिता दिवस उस…
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